मकर राशि में बुध-सूर्य की युति बनाएगी बुधादित्य राजयोग, इन राशि वालों की आय में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी !

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कोई ग्रह किसी राशि में गोचर करता है, तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिलता है. सूर्य हर माह अपना स्थान परिवर्तन करते हैं. 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे और इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाएगा. वहीं, 7 फरवरी को बुध ग्रह भी धनु राशि से निकलकर मकर में प्रवेश कर जाएंगे. जहां पहले से ही सूर्य विराजमान है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसे में बुध और सूर्य के एक ही राशि में होने से बुधादित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है. ज्योतिष शास्त्र में इसे शुभ माना गया है और कई राशि के जातकों के लिए ये राजयोग बेहद लाभकारी भी साबित होगा. इस दौरान कई राशियों के मान-सम्मान में वृद्धि होगी. आर्थिक लाभ मिलेगा. ऐसे में जानते हैं किन राशि के जातकों के लिए ये योग लाभकारी रहने वाला है.

मकर राशि: मकर राशि में ही बुधादित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है. ऐसे में ये समय इस राशि के जातकों के लिए विशेष लाभदायी होगा. बता दें कि ये राजयोग आपकी राशि के दूसरे भाव में बनने जा रहा है. ऐसे में आकस्मिक धनलाभ हो सकता है. इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा. धन संबंधित मामलों में भी सफलता हासिल करेंगे. आर्थिक तंगी से परेशान लोगों के लिए भी ये समय अनुकूल है. जल्द ही पैसों की समस्या से निजात मिलेगी.

मीन राशि: सूर्य और बुध की युति से मीन राशि वालों को भी विशेष लाभ होगा. बता दें कि बुधादित्य राजयोग इन राशि के जातकों के लिए इनकम के लिहाज से शुभ रहने वाला है. बता दें कि ये योग आपकी गोचर कुंडली में 11 वें भाव में होने जा रहा है. इसे आय और लाभ का स्थान माना जाता है. ऐसे में आपकी आय में जबरदस्त बढ़ोतरी की संभावना है. वहीं, निवेश के हिसाब से भी ये समय अनुकूल बताया जा रहा है. पुराने निवेश से भी इस समय आपको लाभ मिल सकता है.

वृष राशि: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधादित्य राजयोग से इस राशि वालों के अच्छे दिनों की शुरुआत होगी. बता दें कि ये योग आपकी गोचर कुंडली के नवम भाव में बनने जा रहा है. इसे भाग्य और विदेश का स्थान माना गया है. ऐसे में इस युति से आपको हर काम में किस्मत का साथ मिलेगा. विदेश जाकर पढ़ाई करने की इच्छा जल्द पूरी हो सकती है. वहीं, नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर कोई नहीं जिम्मेदारी मिल सकती  है. समाज में मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी.

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