30 साल बाद इस राशि में शनि के प्रवेश से बढ़ेंगी परेशानियां, फूंक-फूंक कर रखना होगा कदम !

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हिंदू धर्म में हर ग्रह एक निश्चित समय पर राशि परिवर्तन करता है और उसका प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर देखा जा सकता है. कुछ राशि के जातकों पर शुभ तो कुछ पर अशुभ प्रभाव देखने को मिलता है. इन सभी ग्रहों में शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है. एक राशि में फिर से प्रवेश करने के लिए शनि को 30 साल का समय लग जाता है. ऐसे में शनि 17 जनवरी 2023 को कुंभ राशि में 30 साल बाद प्रवेश करने जा रहे हैं.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने में ढाई साल का समय लेते हैं. और उसी राशि में फिर से प्रवेश के लिए 30 साल का समय लग जाता है. बता दें कि शनि कुंभ राशि में वक्री अवस्था में संचरण करेंगे. ये शनि की मूलराशि मानी जाती है. शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है. ऐसे में अगर शनि की कुदृष्टि किसी राशि पर पड़ती है, तो उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं 17 जनवरी को शनि के गोचर के बाद किन राशि वालों को संभलकर रहने की जरूरत है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह 30 साल के बाद कुंभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. ऐसे में शनि के इस राशि में प्रवेश करते ही कुंभ, मकर और मीन राशियों पर शनि की साढ़े साती शुरू हो जाएगी. वहीं, कर्क और वृश्चिक रासि के जातक ढैय्या की चपेट में आ जाएंगे.

शनि ढैय्या से गुजर रहे इन राशि के जातकों को नौकरी और कारोबार में नुकसान उठाना पड़ सकता है. इतना ही नहीं, आय में कमी आ सकती है. सेहत भी खराब हो सकती है. स्वास्थय का खासतौर से ख्याल रखने की जरूरत है.

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