जब Amitabh Bachchan ने गलती से काट ली पैर की नस, लगाने पड़े टांके, जाने अब कैसा है हाल !

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बॉलीवुड के मेगा स्टार अमिताभ बच्चन के साथ बीते रविवार एक अनहोनी हो गई. कौन बनेगा करोड़पति की शूटिंग के दौरान एक्टर के पैर की नस कट गई. अमिताभ को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया. जहां उनके पैर से बहते खून को रोकने के लिए टांके लगाए गए.सिनेमा के आइकन माने जाने वाले अमिताभ बच्चन को रविवार को केबीसी के अगले एपिसोड की शूटिंग कर रहे थे कि तभी उनके साथ एक हादसा हो गया. हादसा ऐसा कि खुद अमिताभ भी इस बात पर शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं. अमिताभ के पैर में कट लग गया. एक्टर के पैर के पिछले हिस्से की नस कट गई. जिससे काफी खून का बहाव हुआ. इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया.

खून का बहाव तेज था, जिसे रोकने के लिए डॉक्टर्स को उनके पैर में टांके लगाने पड़े. डॉक्टर्स ने उन्हें फिलहाल आराम करने की सलाह दी है. अमिताभ को पैरों पर जोर देने या चलने से भी मना किया गया है. यहां तक कि उन्हें ट्रेडमिल पर भी वॉक करने की इजाजत नहीं है. इस बात की जानकारी अमिताभ ने खुद अपने ऑफिशियल ब्लॉग पर दी है. हाल ही में अमिताभ ने अपना 80वां जन्मदिन सेलिब्रेट किया था. उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा- भगवान मेरी मदद करो, मैं बाहर नहीं निकल सकता.

बीते दिन ही अमिताभ ने केबीसी के सेट से एक फोटो शेयर की थी, जहां वो पैर में पट्टी बांधे भागते हुए नजर आ रहे थे. इस फोटो को पोस्ट कर उन्होंने लिखा था कि- काम करने के लिए जॉगिंग करते हुए, दौड़ते हुए. जोर से जयकार और प्यार के उस क्षितिज में .. और आपकी प्रार्थना.

एक्टर ने लिखा- “धातु के एक टुकड़े ने मेरे बाएं पैर की नस को काटने में कामयाब रहा. नस काटने पर अनियंत्रित खून धाराप्रवाह रूप से बाहर निकलता रहा .. लेकिन डॉक्टर और स्टाफ टीम के समय पर सहयोग से, मुझे ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया और उस कट पर टांके लगाए गए. अमिताभ ने आगे केबीसी की शूटिंग को लेकर भी लिखा. उन्होंने बताया कि कैसे उनकी धड़कने उस 3-4 घंटे की शूटिंग के लिए धड़कती रहती है. पर मेरी विल पॉवर बहुत मजबूत है, मैं फिर जल्दी ही वापस आउंगा और शूटिंग करूंगा.

अमिताभ बच्चन ने बताया कि डॉक्टर्स ने उन्हें चलने-फिरने बाहर निकलने से मना किया है. अमिताभ ने लिखा- मैं बता दूं कि डॉक्टर्स ने खड़े न होने, हिलने-डुलने, ट्रेडमिल चलने से भी उस पर दबाव नहीं डालने की अनुमति नहीं दी है !! कभी-कभी चरम की संतुष्टि अस्तित्व के सुख या दुख ला सकती है. लेकिन ये वक्त लंबा नहीं चलेगा. ये या तो नष्ट हो जाते हैं या शरीर पर एक अपनी एक छाप छोड़ जाते हैं. ये एक शर्मिंदगी का कारण बनते हैं. इससे बाहर निकलने में थोड़ा समय लगता है. इसलिए इससे बाहर निकलने में मेरी मदद करें भगवान.

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