Indian Cricket Team: इन 3 प्लेयर्स ने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से खेला क्रिकेट, बंटवारे के बाद छोड़ गए हिन्दुस्तान.

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Indian Team: तीन क्रिकेटर्स ऐसे थे, जिन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों ही देशों से क्रिकेट खेला. ये खिलाड़ी बंटवारा होने के बाद पाकिस्तान चले गए थे.

Play Cricket For India And Pakistan: सभी भारतवासी आज आजादी के 75 साल का जश्न मना रहे हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच को लेकर फैंस हमेशा से ही उत्साहित रहते हैं. भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली. वहीं, 14 अगस्त को पाकिस्तान आजाद हुआ. भारत के तीन क्रिकेटर्स ऐसे हैं, जो बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए और दोनों ही देशों से क्रिकेट खेला. आइए जानते हैं, उन खिलाड़ियों के बारे में. 

1. Abdul Hafeez Kardar-अब्दुल हफीज कारदार 

अब्दुल हफीज कारदार (Abdul Hafeez Kardar) को पाकिस्तान क्रिकेट का जनक माना जाता है. अब्दुल हफीज का जन्म लाहौर में 1925 को हुआ. वह पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पहले कप्तान भी थे. उन्होंने भारत के लिए 3 टेस्ट मैच और पाकिस्तान के लिए 23 टेस्ट मैच खेले. अपने करियर में उन्होंने 26 टेस्ट मैच में 927 रन बनाए और 21 विकेट भी चटकाए.  पाकिस्तान के लिए अपना पहला टेस्ट मैच अब्दुल ने भारत के खिलाफ ही खेला. कारदार की कप्तानी में ही पाकिस्तान ने भारत को 1952 में लखनऊ टेस्ट में हराया था. हफीज कातिलाना गेंदबाजी और धाकड़ बल्लेबाजी के लिए फेमस हैं. 

2. Amir Elahi-आमिर ईलाही 

आमिर ईलाही (Amir Elahi) भारत और पाकिस्तान की तरफ से क्रिकेट खेलने वाले दूसरे क्रिकेटर थे. आमिर ने 1947 में भारत के लिए अपना एकमात्र टेस्ट खेला था. इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान के लिए 5 टेस्ट मैच खेले. उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और केवल 6 टेस्ट मैचों में उन्होंने 7 विकेट झटके और 82 रन बनाए. घरेलू क्रिकेट में वह खासे सफल रहे थे और वह बड़ौदा टीम के अहम खिलाड़ी थे. आमिर ईलाही अपनी लेग ब्रेक के लिए फेमस थे. 

3. Gul Mohammad-गुल मोहम्मद 

गुल मोहम्मद (Gul Mohammad) का जन्म 15 अक्टूबर 1921 को हुआ. आजादी से पहले वह भारत के लिए क्रिकेट खेले, लेकिन बंटवारे के बाद वह पाकिस्तान चले गए. गुल ने भारत के लिए 1946 से 1952 के बीच 8 टेस्ट मैच खेले. 1956 में उन्होंने पाकिस्तान के लिए अपना एकमात्र क्रिकेट खेला. गुल ने अपने करियर में 9 टेस्ट मैचों में 205 रन बनाए. रणजी ट्रॉफी में विजय हजारे के साथ उनकी साझेदारी को आज भी याद किया जाता है.

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